Mahamrityunjaya Mantra in Hindi: जो व्यक्ति अध्यात्म की राह पर चल रहा है, उसे महा मंत्रों के जप से जबरदस्त फायदा होता है। यदि आप भी भगवान शिव जी के महामृत्युंजय मंत्र का जप करना चाहते हैं, तो यह बहुत अच्छी बात है। महाशिवरात्रि के दिन भी इस मंत्र का जाप करने से अधिक लाभ होता है।

इस लेख के द्वारा आपको संपूर्ण महामृत्युंजय मंत्र की जानकारी के सहित जप विधि, इस मंत्र का अर्थ और इस मंत्र से होने वाले लाभ के बारे में भी जानकारी मिलेगी। किस तरह से महामृत्युंजय मंत्र का जप करने से आपको अच्छा लाभ होगा और कब इस मंत्र का जप नहीं करना चाहिए इसके बारे में भी जानकारी प्रदान की गई है।

Mahamrityunjaya Mantra in Hindi – संपूर्ण महामृत्युंजय मंत्र

Mahamrityunjaya Mantra in Hindi - संपूर्ण महामृत्युंजय मंत्र

ॐ हौं जूं सः ॐ भूर्भुवः स्वः ॐ त्र्यम्बकं यजामहे सुगन्धिं पुष्टिवर्धनम् उर्वारुकमिव बन्धनान्मृ त्योर्मुक्षीय मामृतात् ॐ स्वः भुवः भूः ॐ सः जूं हौं ॐ।

ऊपर जो हमने मंत्र प्रदान किया है वह संपूर्ण महामृत्युंजय है। लेकिन बहुत सारे लोग नीचे दिए गए महामृत्युंजय का जाप भी करते हैं, जो कि काफी लोगों को पसंद आता है।

ॐ त्र्यम्बकं यजामहे सुगन्धिं पुष्टिवर्धनम् |उर्वारुकमिव बन्धनान्मृत्योर्मुक्षीय माऽमृतात् ||

Om Tryambakam Yajamahe Sugandhim Pushti-Vardhanam
Urvarukamiva Bandhanan Mrityormukshiya Mamritat.

लघु मृत्युंजय मंत्र: ॐ जूं स माम् पालय पालय स: जूं ॐ।

महामृत्युंजय मंत्र का अर्थ

हम त्रिनेत्र को पूजते हैं, जो बहुत सुगंधित है, जो कि हमारा पोषण करता है, जिस तरह फल, शाखा के बंधन से मुक्त हो जाता है, वैसे ही हम भी हमारे जन्म और मृत्यु जैसे नश्वरता से मुक्त हो जाए। 

यदि आपको इसे आसान भाषा में समझना है, तो इसका अर्थ यह है कि पूरे संसार के पालनहार शिवजी की हम पूजा करते हैं। भगवान शिव हमें मृत्यु के बंधन से मुक्ति प्रदान करें और हमें मोक्ष की प्राप्ति हो जाए।

महामृत्युंजय मंत्र की जप विधि एवं लाभ

  1. महामृत्युंजय मंत्र का पाठ 1100 बार करने से भय से छुटकारा मिलता है।
  2. कई बार आ मृत्युंजय मंत्र का पाठ 108 बार भी किया जाता है।
  3. ऐसा कहा जाता है कि महामृत्युंजय का जाप सवा लाख बार करने से पुत्र की प्राप्ति होती है, सफलता मिलती है और अकाल मृत्यु से भी बचाव होता है।
  4. अक्सर महामृत्युंजय मंत्र का जाप सुबह या फिर शाम को किया जाता है।
  5. महामृत्युंजय मंत्र का जाप रुद्राक्ष माला से करने से आसान होता है।
  6. भगवान शिव की प्रतिमा फोटो या शिवलिंग के सामने महामृत्युंजय मंत्र का जप करना लाभदायक है।
  7. सबसे महत्वपूर्ण बात महामृत्युंजय मंत्र का उच्चारण बिल्कुल सही तरीके से और शुद्धता से होना चाहिए।
  8. मंत्र उच्चारण के समय एक शब्द की गलती भी भारी पड़ सकती है।
  9. महामृत्युंजय मंत्र कि जब के दौरान धूप दीप जलाना अच्छा है।
  10. पूर्व दिशा की और मुंह करके महामृत्युंजय मंत्र का जप करें और जब आप तामसिक चीजों का सेवन ना करके इस मंत्र का जाप करते हैं, तब अधिक लाभ होता है।

वैसे तो जब कभी भी हम भगवान के मंत्रों का जाप करते हैं, तो ज्यादा बार उसके लाभ के बारे में ध्यान नहीं देना चाहिए। सिर्फ मंत्र का जाप करने से ही आपका भला हो सकता है। लेकिन महामृत्युंजय का जब करने से अकाल मृत्यु, महारोग, ग्रह कलेश, ग्रह बाधा, ग्रह पीड़ा, प्रॉपर्टी विवाद, सजा का भय, धन हानि और समस्त पापों से मुक्ति मिलती है। आशा करता हूं कि आपको हमारा यह लेख महामृत्युंजय के बारे में जरूर पसंद आया होगा। 

ओम नमः शिवाय🙏

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